हरियाणा के रोहतक स्थित जाट एजुकेशन सोसाइटी से जुड़े विवाद में बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। स्टेट रजिस्ट्रार ने सोसाइटी के प्रधान की सदस्यता बहाल करने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि महासचिव अपने पद पर बने रहेंगे।
इस आदेश के बाद सोसाइटी में चल रहे प्रशासनिक और संगठनात्मक विवाद को लेकर नई स्थिति बन गई है। पिछले कुछ समय से प्रधान की सदस्यता और पदाधिकारियों के अधिकारों को लेकर विवाद बना हुआ था, जिस पर अब स्टेट रजिस्ट्रार ने अपना निर्णय सुनाया है।
आदेश के अनुसार, प्रधान की सदस्यता को बहाल कर दिया गया है, जबकि महासचिव के पद पर भी कोई बदलाव नहीं किया गया। इस फैसले के बाद सोसाइटी के प्रशासनिक कार्य पहले की तरह जारी रहेंगे। हालांकि, यदि किसी पक्ष को आदेश पर आपत्ति है, तो वह नियमानुसार आगे कानूनी विकल्प अपना सकता है।
सोसाइटी से जुड़े सदस्यों का कहना है कि इस फैसले से लंबे समय से चल रहे विवाद पर कुछ हद तक स्पष्टता आई है। वहीं, दूसरे पक्ष की ओर से अभी तक इस आदेश पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि स्टेट रजिस्ट्रार के आदेश के बाद सोसाइटी में आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ती है। संबंधित पक्षों से अपेक्षा की जा रही है कि वे आदेश का पालन करते हुए संस्था के शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से संचालित करेंगे।
