रोहतक में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सामाजिक कार्यकर्ता Naveen Jaihind ने NEET परीक्षा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने परीक्षा प्रणाली और पेपर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो पेपर को जहाज की बजाय मिसाइल में ले जाने से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
जयहिंद ने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन और पारदर्शिता को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। उनका कहना था कि केवल पेपर की सुरक्षा बढ़ाने से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरी परीक्षा प्रणाली को मजबूत और जवाबदेह बनाना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी युवाओं के भविष्य को प्रभावित करती है। इसलिए सरकार और संबंधित एजेंसियों को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिससे अभ्यर्थियों का भरोसा कायम रहे।
अपने बयान के दौरान जयहिंद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यदि मूल समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो पेपर को जहाज, हेलीकॉप्टर या मिसाइल से ले जाने जैसी व्यवस्थाएं भी प्रभावी साबित नहीं होंगी। उन्होंने पारदर्शी और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली पर जोर दिया।
कार्यक्रम में मौजूद युवाओं से बातचीत करते हुए उन्होंने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि युवाओं की मेहनत और भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।
जयहिंद के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा शुरू हो गई है। कुछ लोग उनके बयान को व्यवस्था पर कटाक्ष मान रहे हैं, जबकि कई लोग परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग को सही ठहरा रहे हैं।
