हरियाणा के Rohtak में मिट्टी चोरी और अवैध खनन के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। हालिया खुलासों में आरोप लगाया गया है कि HL के नाम पर बड़े स्तर पर अवैध खनन गतिविधियां संचालित की जा रही थीं। मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में लंबे समय से मिट्टी की अवैध निकासी की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि सरकारी नियमों का पालन किए बिना मिट्टी का उत्खनन किया जा रहा था। स्थानीय लोगों और कुछ अधिकारियों ने भी इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई थी।
मामले में यह भी आरोप सामने आया है कि संबंधित SDO द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। शिकायत के बाद भी यदि अवैध गतिविधियां जारी रहीं, तो यह प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही या समन्वय की कमी का विषय हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों और शिकायतों की जांच की जा रही है। खनन गतिविधियों की वैधता, अनुमति पत्रों और संबंधित रिकॉर्ड की भी समीक्षा की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खनन से पर्यावरण और सरकारी राजस्व दोनों को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों और वास्तविक स्थिति को लेकर स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
