हरियाणा के पानीपत जिले के समालखा में पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगी एक स्कॉर्पियो को पकड़कर वाहन धोखाधड़ी के बड़े मामले का खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने दुर्घटनाग्रस्त होकर कंडम घोषित हो चुकी एक गाड़ी का चेसिस नंबर स्कॉर्पियो पर अंकित करवा रखा था और उसे बेचने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बेचा जाने वाला है। सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने स्कॉर्पियो को रोककर उसकी जांच की। वाहन के दस्तावेज और चेसिस नंबर की पड़ताल में कई विसंगतियां सामने आईं, जिसके बाद गहन जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पता चला कि स्कॉर्पियो पर अंकित चेसिस नंबर वास्तव में एक ऐसी गाड़ी का था जो पहले सड़क दुर्घटना में क्षतिग्रस्त होकर कंडम हो चुकी थी। आरोपी ने कथित रूप से उसी वाहन की पहचान का इस्तेमाल कर स्कॉर्पियो को वैध दिखाने का प्रयास किया। पुलिस का मानना है कि वाहन को फर्जी तरीके से बेचकर खरीदार को ठगने की योजना बनाई गई थी।
आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस फर्जीवाड़े में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा क्या आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा है। वाहन के दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच संबंधित विभागों से भी कराई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वाहन खरीदते समय लोगों को दस्तावेज, इंजन नंबर और चेसिस नंबर की पूरी तरह जांच करनी चाहिए ताकि इस प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके। मामले में आगे की जांच जारी है और नए खुलासे होने की संभावना है।
