हरियाणा के सिरसा जिले में बिजली टावर विवाद को लेकर तनाव बढ़ गया है। किसान नेता भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें डिटेन कर करीब आठ घंटे तक हिरासत में रखा। उनका कहना है कि बिजली टावर से जुड़े विवाद के बीच उन्हें बिना उचित कारण रोका गया, जिसके बाद देर शाम उन्हें छोड़ दिया गया।
किसान नेता के अनुसार, क्षेत्र में बिजली टावर लगाने को लेकर किसानों और संबंधित विभाग के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। किसानों का कहना है कि उनकी सहमति के बिना खेतों में टावर लगाए जा रहे हैं, जिससे उनकी कृषि भूमि और आजीविका प्रभावित हो रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसान लगातार अपनी आवाज उठा रहे हैं।
भूपेंद्र ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने उन्हें डिटेन किया। उन्होंने कहा कि करीब आठ घंटे बाद रिहा किए जाने के बाद भी किसानों की मांगों का समाधान नहीं हुआ है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने जल्द बातचीत कर उचित समाधान नहीं निकाला, तो किसान बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।
वहीं, पुलिस और प्रशासन की ओर से पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं। साथ ही संबंधित विवाद का समाधान बातचीत और कानूनी प्रक्रिया के तहत करने का प्रयास किया जा रहा है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए और जमीन से जुड़े मामलों में उनकी सहमति तथा हितों का ध्यान रखा जाए। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति शांत बताई जा रही है, लेकिन किसान संगठनों ने स्पष्ट किया है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
