हरियाणा के सिरसा में रोडवेज विभाग से जुड़ा विवाद उस समय और गहरा गया, जब यूनियन पदाधिकारियों ने अपने ऊपर सुनियोजित (प्री-प्लान) हमले का आरोप लगाया। यह मामला एक रोडवेज ड्यूटी क्लर्क और यूनियन पदाधिकारियों के बीच हुए विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। घटना के बाद कर्मचारियों में नाराजगी देखने को मिली और यूनियन भी अपने पदाधिकारियों के समर्थन में खुलकर सामने आ गई।
यूनियन प्रतिनिधियों का आरोप है कि यह हमला पहले से योजना बनाकर किया गया था। उनका कहना है कि संबंधित पक्ष के साथ पहले भी कई बार विवाद और झगड़े हो चुके हैं। उन्होंने घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और पुलिस को सूचना दी गई। मामले में दोनों पक्षों के बयान लिए जा रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो कर्मचारी संगठन आगे की रणनीति पर विचार करेगा। वहीं, प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
फिलहाल मामला जांच के अधीन है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मामले से जुड़ी अपुष्ट जानकारी या अफवाहों पर विश्वास न करें और जांच पूरी होने तक आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।
