हरियाणा सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश की लगभग 1200 राइस मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन कराने का निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत राइस मिलों की निगरानी PDS-2 सिस्टम के माध्यम से की जाएगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के निर्देशों के अनुसार, इस विशेष अभियान के लिए पूरे प्रदेश में 198 टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें निर्धारित अवधि के दौरान राइस मिलों का निरीक्षण कर स्टॉक, रिकॉर्ड और मिलिंग प्रक्रिया का भौतिक सत्यापन करेंगी।
अधिकारियों के अनुसार, PDS-2 सिस्टम के जरिए उपलब्ध डिजिटल डेटा और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जाएगा। यदि किसी मिल में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया जाता है या सरकारी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित मिल संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का मानना है कि डिजिटल निगरानी और फील्ड निरीक्षण के संयुक्त मॉडल से खाद्यान्न प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे सरकारी धान और चावल के भंडारण, वितरण तथा मिलिंग प्रक्रिया पर बेहतर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।
निरीक्षण के दौरान टीमें धान और चावल के स्टॉक, दस्तावेजों, भंडारण व्यवस्था तथा सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी जांच करेंगी। विभागीय अधिकारियों को सत्यापन प्रक्रिया निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेश सरकार का कहना है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
