हरियाणा में शिक्षकों की नई ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव सामने आए हैं। प्रस्तावित नीति के अनुसार, अब अविवाहित महिला शिक्षकों को पहले की तरह विशेष छूट नहीं मिलेगी। इसके साथ ही पुरुष शिक्षकों को अपने बच्चों के आधार पर स्थानांतरण में अतिरिक्त लाभ देने का प्रावधान भी नहीं रखा गया है। नई ट्रांसफर पॉलिसी के 30 जून से लागू होने की संभावना जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए मसौदे में स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और समान अवसर आधारित बनाने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था से ट्रांसफर प्रक्रिया में संतुलन आएगा और सभी शिक्षकों के लिए एक समान नियम लागू होंगे।
जानकारी के अनुसार, पहले कुछ विशेष श्रेणियों के शिक्षकों को अतिरिक्त अंक या प्राथमिकता दी जाती थी। नई नीति में ऐसे कई प्रावधानों की समीक्षा की गई है। अविवाहित महिला शिक्षकों को मिलने वाली विशेष छूट समाप्त करने का प्रस्ताव इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है।
इसके अलावा पुरुष शिक्षकों को बच्चों की पढ़ाई या अन्य पारिवारिक कारणों के आधार पर अतिरिक्त लाभ दिए जाने की व्यवस्था भी प्रस्तावित नीति में शामिल नहीं है। विभाग का तर्क है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक वस्तुनिष्ठ और नियम आधारित बनाया जाना चाहिए।
हालांकि शिक्षक संगठनों और विभिन्न कर्मचारी समूहों की ओर से इस प्रस्तावित नीति पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ संगठन इसे समानता की दिशा में कदम बता रहे हैं, जबकि कुछ का मानना है कि इससे कई शिक्षकों को व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।
शिक्षा विभाग की ओर से अभी अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी है। नीति लागू होने से पहले सुझाव और आपत्तियां भी आमंत्रित की जा सकती हैं। यदि प्रस्तावित बदलावों को मंजूरी मिलती है, तो नई ट्रांसफर पॉलिसी 30 जून से प्रभावी हो सकती है।
फिलहाल प्रदेश के हजारों शिक्षक नई नीति के अंतिम स्वरूप का इंतजार कर रहे हैं।
