हरियाणा में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। प्रदेश के 6 जिलों में बारिश हुई, जबकि कई अन्य इलाकों में आसमान में बादल छाए रहे। गुरुग्राम में काली घटा छाई रही और नारनौल में बारिश के बाद कई जगह जलभराव की स्थिति देखने को मिली।
बारिश के कारण मौसम में ठंडक आई और लोगों को गर्मी तथा उमस से कुछ राहत मिली। गुरुग्राम में आसमान पर घने काले बादल छाने से तेज बारिश की संभावना बनी रही। कई इलाकों में बारिश होने से सड़कों पर पानी जमा होने की स्थिति भी बनी।
नारनौल में बारिश के बाद जलभराव की समस्या सामने आई। शहर के निचले इलाकों और कुछ प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को भी पानी से गुजरते समय सावधानी बरतनी पड़ी।
प्रदेश के कुल 6 जिलों में बारिश दर्ज की गई है। वहीं मौसम विभाग ने 3 जगहों पर अलर्ट जारी किया है। अलर्ट वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बारिश के दौरान कुछ क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन चलाने में परेशानी के साथ-साथ सड़क पर फिसलन का खतरा भी बढ़ जाता है।
गुरुग्राम जैसे शहरी इलाकों में अचानक तेज बारिश होने पर ट्रैफिक और जलनिकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है। लोगों को मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
नारनौल में जलभराव ने स्थानीय प्रशासन के सामने जल निकासी की व्यवस्था को लेकर चुनौती खड़ी कर दी है। लगातार बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी का स्तर और बढ़ सकता है।
मानसून की सक्रियता किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। पर्याप्त बारिश से खरीफ फसलों को फायदा मिल सकता है। हालांकि, बहुत ज्यादा बारिश होने पर खेतों में पानी जमा होने से फसलों को नुकसान का खतरा भी रहता है।
मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए लोगों को बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
बारिश के दौरान वाहन चालकों को कम गति से वाहन चलाना चाहिए और जलभराव वाले स्थानों पर बिना स्थिति जाने वाहन नहीं ले जाना चाहिए।
फिलहाल हरियाणा में मानसून की गतिविधियां बनी हुई हैं। 6 जिलों में बारिश और 3 जगह अलर्ट के बीच आने वाले घंटों में मौसम में और बदलाव देखने को मिल सकता है।
लोगों की नजर अब मौसम विभाग के अगले अपडेट पर है। यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो प्रदेश के कई अन्य हिस्सों में भी बारिश होने की संभावना बन सकती है।
