हरियाणा सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए 9 नायब तहसीलदारों को प्रमोशन दिया है। पदोन्नति के साथ सरकार ने कई शर्तें भी लागू की हैं। अधिकारियों को प्रोबेशन पीरियड पूरा करना अनिवार्य होगा और कार्य प्रदर्शन संतोषजनक न होने पर कार्रवाई की जा सकेगी।
सरकार की ओर से जारी आदेशों के अनुसार प्रमोट किए गए अधिकारियों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। यदि किसी अधिकारी की ACR खराब पाई जाती है या कार्यशैली संतोषजनक नहीं रहती, तो उसे डिमोट करने तक की कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार यह फैसला राजस्व विभाग में जवाबदेही और कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। सरकार चाहती है कि पदोन्नति पाने वाले अधिकारी बेहतर प्रशासनिक प्रदर्शन करें और जनता से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा करें।
प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां जल्द सौंपी जाएंगी। विभागीय स्तर पर उनकी कार्यप्रणाली और व्यवहार की नियमित समीक्षा भी की जाएगी।
सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक व्यवस्था में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं अधिकारियों के बीच भी नई शर्तों को लेकर चर्चा बनी हुई है।
