हरियाणा में HRMS पोर्टल को लेकर शिक्षकों और लिपिकों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि पोर्टल से जुड़ी तकनीकी और विभागीय दिक्कतों के कारण करीब 3 साल बाद भी प्रमोशन से जुड़े मामले कागजों में अटके हुए हैं। इसके साथ ही ACP के लाभ पर भी असर पड़ रहा है।
कर्मचारियों का कहना है कि प्रमोशन के लिए जरूरी रिकॉर्ड और सेवा संबंधी जानकारी HRMS में अपडेट होने के बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। कई कर्मचारियों को लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार है, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही कि मामला कब तक सुलझेगा।
शिक्षकों और लिपिकों के सामने ACP यानी Assured Career Progression से जुड़ी समस्याएं भी बताई जा रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रमोशन और ACP दोनों ही उनकी सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण विषय हैं, लेकिन पोर्टल और विभागीय प्रक्रिया के कारण उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
कर्मचारियों का आरोप है कि वे संबंधित अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रख चुके हैं, लेकिन समाधान की प्रक्रिया धीमी है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ रही है।
HRMS का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों से जुड़े सेवा रिकॉर्ड, नियुक्ति, स्थानांतरण, पदोन्नति और अन्य प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना है। लेकिन कर्मचारियों का कहना है कि यदि पोर्टल पर रिकॉर्ड सही तरीके से अपडेट या सत्यापित नहीं होते हैं तो डिजिटल व्यवस्था उनके लिए सुविधा के बजाय परेशानी बन जाती है।
कर्मचारियों की मांग है कि लंबित प्रमोशन मामलों का जल्द निपटारा किया जाए और ACP से जुड़े मामलों में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। साथ ही HRMS में आने वाली तकनीकी और रिकॉर्ड संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।
कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों तक प्रमोशन और वित्तीय लाभ लंबित रहने से उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब शिक्षकों और लिपिकों की नजर विभाग की ओर से होने वाली कार्रवाई पर है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि HRMS से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर लंबे समय से लंबित प्रमोशन और ACP मामलों को जल्द आगे बढ़ाया जाएगा।
