हरियाणा में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने संगठनात्मक स्तर पर महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जींद पहुंचकर हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इस बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम से पहले पार्टी ने कई नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी हैं, जिनमें पहले असंतुष्ट या बागी माने जाने वाले कुछ नेताओं को भी प्रमुख भूमिका दी गई है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम को सफल बनाने और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। खास बात यह है कि जिन नेताओं को पहले संगठन से नाराज माना जा रहा था, उन्हें भी आयोजन की जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई है।
प्रधानमंत्री का जींद दौरा करीब 40 मिनट का निर्धारित है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए SPG और स्थानीय प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल, हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत योजना तैयार की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कार्यक्रम के जरिए भाजपा विकास परियोजना के साथ-साथ संगठनात्मक एकता का संदेश भी देना चाहती है। हालांकि, पार्टी की इस रणनीति पर अलग-अलग राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ सकती हैं।
फिलहाल सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। प्रधानमंत्री के दौरे और हाइड्रोजन ट्रेन के शुभारंभ को लेकर प्रशासन, रेलवे और भाजपा संगठन पूरी तरह सक्रिय हैं। इस कार्यक्रम पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
