हरियाणा के हिसार में तहसीलदार के परिवार समेत तीन लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। आरोप है कि पहले बिक चुके मकान को दोबारा बेचकर एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से करीब ₹5.35 करोड़ की रकम ऐंठ ली गई। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रकम लेने के बाद भी मकान की रजिस्ट्री देने से इनकार कर दिया गया।
शिकायत के अनुसार, मकान को लेकर सौदा किया गया और इसके बदले बड़ी रकम ली गई। बाद में पता चला कि संबंधित मकान पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को बेचा जा चुका था। इसके बावजूद कथित तौर पर वही संपत्ति दोबारा बेचने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता CA का आरोप है कि उसने मकान के सौदे के तहत करीब ₹5.35 करोड़ की रकम दी थी। रकम देने के बाद जब रजिस्ट्री कराने की बात आई तो आरोपियों ने कथित तौर पर रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया।
मामले में तहसीलदार के परिवार के सदस्यों समेत तीन लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है और दस्तावेजों तथा संपत्ति के पुराने लेनदेन की जांच शुरू कर दी है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि मकान की पहले हुई बिक्री कब और किसके नाम हुई थी, इसके बाद दूसरी बार सौदा कैसे किया गया और शिकायतकर्ता से ली गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया गया।
पुलिस संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, रजिस्ट्री रिकॉर्ड, भुगतान से जुड़े कागजात और दोनों पक्षों के बयानों की जांच कर सकती है। मामले में आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
इतनी बड़ी रकम से जुड़ा मामला सामने आने के बाद हिसार में इसकी चर्चा है। शिकायतकर्ता ने पुलिस से रकम वापस दिलाने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संपत्ति के पुराने रिकॉर्ड और ₹5.35 करोड़ के लेनदेन से जुड़े दस्तावेज जांच का अहम हिस्सा होंगे।
