होमगार्ड भर्ती परीक्षा की कठिनाई पर उठे सवाल, अभ्यर्थियों ने जताई नाराजगी!
होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। परीक्षा देने पहुंचे कई उम्मीदवारों ने दावा किया कि पेपर का स्तर अपेक्षा से कहीं अधिक कठिन था और यह लगभग IAS-PCS स्तर का महसूस हुआ। अभ्यर्थियों का कहना है कि इस भर्ती के लिए पूछे गए प्रश्न उनके सिलेबस और तैयारी के स्तर से काफी ऊपर थे।
परीक्षा केंद्रों के बाहर उम्मीदवारों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि वे बेरोजगार न होते, तो इस तरह की परीक्षा में शामिल होने की जरूरत ही नहीं पड़ती। कई अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र में ऐसे सवाल पूछे गए, जो सामान्य भर्ती परीक्षाओं के स्तर से मेल नहीं खाते।
बताया जा रहा है कि इस भर्ती प्रक्रिया में लगभग 25 लाख अभ्यर्थी भाग ले रहे हैं, जो तीन दिनों में परीक्षा देंगे। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के शामिल होने के कारण परीक्षा का आयोजन भी प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इस तरह का कठिन पेपर उनके आत्मविश्वास को प्रभावित करता है और निष्पक्ष चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की है कि परीक्षा के स्तर की समीक्षा की जाए और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए।
दूसरी ओर, परीक्षा आयोजित कराने वाली एजेंसी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को छांटने के लिए कभी-कभी प्रश्नपत्र का स्तर बढ़ाया जाता है, लेकिन यह सिलेबस के अनुरूप होना जरूरी है।
यह मामला अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। आने वाले दिनों में प्रशासन इस मुद्दे पर क्या कदम उठाता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
