हरियाणा के रोहतक में आयोजित लोकतंत्र सेनानी सम्मान समारोह में केंद्रीय मंत्री Gajendra Singh Shekhawat ने लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले लोगों के योगदान को याद करते हुए उन्हें देश की लोकतांत्रिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
अपने संबोधन में केंद्रीय मंत्री ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि वह भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का ऐसा दौर था, जिसने लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों पर गंभीर प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए, विपक्षी नेताओं को जेल भेजा गया और संवैधानिक संस्थाओं पर दबाव बनाया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों, स्वतंत्र अभिव्यक्ति और संविधान के प्रति सम्मान से मजबूत होता है। ऐसे लोगों का सम्मान करना देश के लोकतांत्रिक इतिहास को याद रखने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोकतंत्र सेनानी, सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सम्मान समारोह के दौरान लोकतंत्र सेनानियों को स्मृति चिह्न और सम्मान पत्र देकर उनके योगदान को सराहा गया।
अपने भाषण में केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर भी राजनीतिक निशाना साधते हुए कहा कि आपातकाल के दौर से देश ने महत्वपूर्ण सबक सीखे हैं और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। यह बयान उनका राजनीतिक मत है।
समारोह के अंत में लोकतंत्र की मजबूती, संविधान के प्रति आस्था और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
