रोहतक की एक फैमिली को दार्जिलिंग घूमने के दौरान अपने पालतू डॉग की वजह से करीब 8 घंटे तक होटल की तलाश में भटकना पड़ा। परिवार का आरोप है कि ट्रैवल एजेंसी ने बुकिंग के समय पेट के साथ होटल में ठहरने की व्यवस्था का भरोसा दिया था, लेकिन दार्जिलिंग पहुंचने पर उन्हें होटल में कमरा नहीं मिला।
परिवार में इंटरनेशनल स्तर की शूटर भी शामिल थीं। यात्रा के दौरान जब परिवार दार्जिलिंग पहुंचा तो होटल में पालतू डॉग को लेकर परेशानी खड़ी हो गई। परिवार को कथित तौर पर होटल में ठहरने की अनुमति नहीं मिली, जिसके बाद उन्हें नया ठिकाना तलाशना पड़ा।
परिवार का कहना है कि उन्होंने ट्रैवल एजेंसी के जरिए पहले से यात्रा और होटल की बुकिंग कराई थी। बुकिंग के दौरान डॉग के साथ यात्रा करने की जानकारी एजेंसी को दी गई थी। इसके बावजूद दार्जिलिंग पहुंचने पर होटल में ठहरने को लेकर समस्या सामने आई।
होटल में कमरा नहीं मिलने के बाद परिवार कई घंटे तक दूसरे होटल की तलाश करता रहा। करीब 8 घंटे तक भटकने के बाद उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ी।
इस पूरे मामले को लेकर परिवार ने ट्रैवल एजेंसी के खिलाफ शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एजेंसी ने जरूरी जानकारी और सुविधाओं की पुष्टि किए बिना बुकिंग कर दी, जिससे परिवार को यात्रा के दौरान परेशानी उठानी पड़ी।
मामला उपभोक्ता विवाद के तौर पर भी सामने आया। शिकायत पर सुनवाई के बाद ट्रैवल एजेंसी पर कुल ₹1.08 लाख का जुर्माना लगाया गया। यह कार्रवाई परिवार को हुई परेशानी और सेवा में कमी से जुड़े दावों के आधार पर की गई।
मामले में यह भी महत्वपूर्ण है कि पालतू जानवर के साथ होटल में ठहरने के लिए होटल की पेट पॉलिसी पहले से स्पष्ट होना जरूरी है। कई होटल और होमस्टे पालतू जानवरों को लेकर अलग-अलग नियम रखते हैं।
यात्रा विशेषज्ञों के अनुसार, पेट के साथ होटल बुक करने से पहले होटल की पॉलिसी लिखित रूप में कन्फर्म करना यात्रियों के लिए बेहतर रहता है। सिर्फ ट्रैवल एजेंसी की मौखिक पुष्टि पर निर्भर रहने से यात्रा के दौरान परेशानी हो सकती है।
रोहतक की इस फैमिली के मामले में भी होटल में डॉग के साथ ठहरने की व्यवस्था को लेकर विवाद खड़ा हुआ। परिवार को कई घंटे वैकल्पिक होटल की तलाश में बिताने पड़े।
₹1.08 लाख के जुर्माने के बाद यह मामला उन यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जो अपने पालतू जानवरों के साथ छुट्टियों पर जाते हैं। होटल बुकिंग से पहले पेट-फ्रेंडली सुविधा और नियमों की स्पष्ट पुष्टि करना जरूरी है।
फिलहाल दार्जिलिंग में रोहतक की फैमिली को डॉग के साथ होटल नहीं मिलने और करीब 8 घंटे तक भटकने के मामले में ट्रैवल एजेंसी पर ₹1.08 लाख का जुर्माना लगाया गया है।
