हरियाणा के Panipat में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान Ranbir Gangwa ने देश में लागू की गई इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों पर व्यापक असर पड़ा था।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि इमरजेंसी का दौर देश के इतिहास में एक ऐसी घटना के रूप में दर्ज है, जिसे लोकतंत्र के समर्थक कभी नहीं भूल सकते। उनके अनुसार उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और विरोध की आवाजों को दबाने का प्रयास किया गया।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिक अधिकारों, स्वतंत्र संस्थाओं और संविधान के मूल सिद्धांतों का सम्मान जरूरी है। मंत्री ने युवाओं से देश के लोकतांत्रिक इतिहास को समझने और उससे सीख लेने का आह्वान भी किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि इमरजेंसी के दौरान विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया पर दबाव बनाया गया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति की आवाजों का सम्मान होना चाहिए और जनता को अपने विचार रखने की पूरी स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद अन्य वक्ताओं ने भी लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की महत्ता पर अपने विचार रखे। इस दौरान बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
राजनीतिक रूप से इमरजेंसी का मुद्दा समय-समय पर चर्चा में आता रहा है और विभिन्न दल इसे अपने-अपने दृष्टिकोण से देखते हैं। कार्यक्रम के दौरान भी इस विषय पर कई ऐतिहासिक घटनाओं का उल्लेख किया गया।
