हरियाणा के सिरसा में कांग्रेस संगठन के भीतर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष ने अपने पद को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच कहा कि उन्हें जिलाध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा ने नहीं, बल्कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने नियुक्त किया है।
संतोष ने कहा कि जिलाध्यक्ष बनने के बाद उन्हें संगठन के भीतर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उनका दावा है कि कई नेताओं ने उनका समर्थन नहीं किया, जिसके कारण संगठनात्मक कार्यों में चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी नेतृत्व के निर्णय का सम्मान करती हैं और कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम करती रहेंगी। उनके बयान के बाद सिरसा की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं और स्थानीय कांग्रेस इकाई में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
फिलहाल पार्टी की ओर से इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में संगठनात्मक स्तर पर इस मुद्दे पर और गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
यह पूरा घटनाक्रम कांग्रेस के आंतरिक संगठनात्मक मामलों से जुड़ा है और पार्टी नेतृत्व की आगे की प्रतिक्रिया के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
