हरियाणा के सोनीपत में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार से जुड़ा मामला चर्चा का विषय बन गया। परिजनों के अनुसार, मृतक की दोनों शिक्षक बेटियां अंतिम संस्कार में शामिल होने नहीं पहुंचीं और उन्होंने दूरी तथा नौकरी की व्यस्तता को इसकी वजह बताया।
परिवार के लोगों का कहना है कि बेटियों ने अंतिम संस्कार के खर्च के लिए ₹5100 भेजे और परिजनों से अनुरोध किया कि पूरे अंतिम संस्कार की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उन्हें भेज दी जाए। अंतिम संस्कार के दौरान उन्होंने वीडियो कॉल के माध्यम से भी प्रक्रिया देखी।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में इस विषय को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों का मानना है कि परिस्थितियों के कारण बेटियां नहीं पहुंच सकीं, जबकि कुछ लोगों ने इसे पारिवारिक संवेदनाओं से जोड़कर देखा।
इस मामले में किसी प्रकार के कानूनी विवाद या पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। यह एक पारिवारिक मामला है, जिस पर सामाजिक स्तर पर चर्चा हो रही है।
घटना ने आधुनिक जीवन, नौकरी की जिम्मेदारियों और पारिवारिक दायित्वों के बीच संतुलन को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं।
