2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी गुजरात को दिए जाने के विरोध में गुरुग्राम में छात्रों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने इस फैसले पर अपनी आपत्ति जताते हुए यूनिवर्सिटी परिसर में हस्ताक्षर अभियान भी चलाया।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने अपनी मांगों और आपत्तियों को लेकर आवाज उठाई। उनका कहना है कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी गुजरात को दिए जाने के फैसले पर व्यापक चर्चा और सभी संबंधित पक्षों की राय सामने आनी चाहिए।
छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में हस्ताक्षर अभियान चलाकर अन्य विद्यार्थियों से भी समर्थन मांगा। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों ने हस्ताक्षर किए और अपनी बात रखी।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि खेलों जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन से जुड़े फैसलों में खिलाड़ियों, युवाओं और खेल संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण होनी चाहिए। छात्रों ने इस मुद्दे को लेकर अपनी आवाज संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही।
गुरुग्राम में हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के सामने बात रखने का प्रयास किया। यूनिवर्सिटी परिसर में चलाए गए हस्ताक्षर अभियान के जरिए छात्रों ने अपने समर्थन को दर्ज कराया।
कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी किसी शहर या राज्य को मिलने से वहां खेल सुविधाओं, बुनियादी ढांचे और रोजगार के अवसरों के विकास की संभावना रहती है। इसी वजह से मेजबानी से जुड़े फैसले को लेकर छात्रों और युवाओं में भी रुचि बनी हुई है।
फिलहाल गुरुग्राम में छात्रों के प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान के बाद यह मुद्दा चर्चा में है। छात्रों की ओर से एकत्र किए गए हस्ताक्षरों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखने की बात कही गई है।
