हरियाणा के लोक कलाकार और प्रसिद्ध बीन वादक हवा सिंह को 96 वर्ष की उम्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित किया। लोक संगीत और सांस्कृतिक क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह सम्मान दिया गया। खास बात यह है कि हवा सिंह को चर्चित हरियाणवी फिल्म ‘दादा लख्मी’ में अभिनय करने का मौका भी मिला।
हवा सिंह लंबे समय से हरियाणवी लोक संस्कृति और बीन वादन से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपनी कला के जरिए हरियाणा की पारंपरिक लोक संगीत शैली को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।
96 वर्ष की उम्र में राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलना उनके लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इस सम्मान के बाद उनके परिवार, गांव और क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है।
हवा सिंह ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा लोक संगीत को समर्पित किया। बीन जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र को बजाने में उनकी विशेष पहचान रही है। ग्रामीण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उन्होंने अपनी कला का प्रदर्शन कर लोगों का मनोरंजन किया और नई पीढ़ी को लोक संस्कृति से जोड़ने का काम किया।
हवा सिंह की प्रतिभा केवल बीन वादन तक सीमित नहीं रही। उन्हें हरियाणवी फिल्म ‘दादा लख्मी’ में अभिनय करने का मौका भी मिला। फिल्म में काम करना उनके लिए एक अलग अनुभव रहा और इससे उनकी कला को बड़े दर्शक वर्ग तक पहुंचने का अवसर मिला।
उनके सम्मान की खबर सामने आने के बाद लोक कलाकारों और कला प्रेमियों ने भी खुशी जताई। लोगों का कहना है कि हवा सिंह जैसे कलाकार हरियाणा की पारंपरिक संस्कृति के जीवंत उदाहरण हैं।
बढ़ती उम्र के बावजूद लोक कला के प्रति उनका लगाव और समर्पण प्रेरणादायक माना जा रहा है। राष्ट्रपति से सम्मान मिलने के बाद उनकी वर्षों की साधना को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
हवा सिंह का जीवन यह संदेश देता है कि कला के प्रति समर्पण की कोई उम्र नहीं होती। बीन वादन और अभिनय के जरिए उन्होंने हरियाणा की लोक संस्कृति को अपनी अलग पहचान दी है।
