हरियाणा के पानीपत में थर्मल पावर स्टेशन की एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (XEN) सुनीता के 12 वर्षीय बेटे कबीर की किडनैपिंग मामले में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इस वारदात का मास्टरमाइंड 26 वर्षीय आदेश है, जो सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था और भारी कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था।
जांच में सामने आया कि आदेश की मुलाकात कोचिंग सेंटर में शारदा नामक युवती से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में प्रेम संबंध बन गए। पुलिस का दावा है कि गर्लफ्रेंड के महंगे शौक, घूमने-फिरने और लग्जरी लाइफस्टाइल के कारण आदेश लगातार कर्ज लेता गया। धीरे-धीरे उस पर करीब 25 लाख रुपये का कर्ज हो गया, जिसे चुकाने के लिए उसने फिरौती के उद्देश्य से अपहरण की योजना बनाई।
आदेश का दोस्त विशाल थर्मल कॉलोनी में रहता था। उसके पिता थर्मल पावर स्टेशन में कर्मचारी हैं, जिसके चलते आरोपियों को अधिकारियों और उनके परिवारों की अच्छी जानकारी थी। इसी जानकारी के आधार पर उन्होंने XEN सुनीता के बेटे कबीर को निशाना बनाया।
12 जून की शाम को कबीर को एक परिचित छात्र के जरिए घर से बाहर बुलाया गया। उसे शहर घूमाने का झांसा देकर किराए पर ली गई कार में बैठाया गया और फिर अपहरण कर लिया गया। बाद में आरोपी उसे पानीपत, रोहतक और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में लेकर घूमते रहे।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कबीर के मोबाइल फोन से ही उसकी मां को व्हाट्सएप कॉल कर 1.5 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इसके अलावा पुलिस कार्रवाई की आशंका में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से अवैध हथियार भी खरीदे गए। आरोपियों का इरादा घिरने पर पुलिस पर हमला कर फरार होने का था।
हालांकि उनकी तीन बड़ी गलतियां उन पर भारी पड़ गईं। पहली गलती थी फिरौती मांगने के लिए कबीर के मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना, जिससे पुलिस को तकनीकी सुराग मिल गया। दूसरी गलती किराए की कार का उपयोग करना था, जिसमें GPS लगा हुआ था और उसकी लोकेशन लगातार ट्रैक हो रही थी। तीसरी गलती यह थी कि आरोपियों ने बच्चे को छिपाने के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना तय नहीं किया था और लगातार एक जगह से दूसरी जगह घूमते रहे।
मोबाइल लोकेशन, GPS ट्रैकिंग और CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस ने करीब 11 घंटे के भीतर आरोपियों को ट्रेस कर लिया। पुलिस घेराबंदी के दौरान खुद को घिरता देख आरोपियों ने कबीर को चलती कार से नीचे फेंक दिया, जिससे वह घायल हो गया। बाद में पुलिस ने मुठभेड़ के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल घायल कबीर का इलाज चल रहा है, जबकि आरोपी अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पुलिस की आगे की पूछताछ का सामना करेंगे।
