हरियाणा के Panchkula में SIR (Special Intensive Revision) ड्यूटी को लेकर एक JBT शिक्षक द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र ने प्रशासनिक और शैक्षणिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। शिक्षक ने अपने पत्र में ड्यूटी के दौरान मानसिक दबाव, कार्यभार और परिस्थितियों को लेकर गंभीर चिंता जताई है।
शिक्षक का आरोप है कि उसे ऐसी परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है, जिससे उसके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। पत्र में उसने लिखा कि यदि उसे हार्ट अटैक आता है, कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या होती है या कोई अनहोनी घटती है, तो इसके लिए पंचकूला के DC और SDM को जिम्मेदार माना जाए। शिक्षक ने यह भी कहा कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वह अपने पद से इस्तीफा देने पर मजबूर हो सकता है।
बताया जा रहा है कि शिक्षक ने चुनाव आयोग से मामले में हस्तक्षेप करने और उसकी शिकायत पर विचार करने की मांग की है। पत्र में उसने अपनी व्यक्तिगत और पेशेवर परेशानियों का भी उल्लेख किया है। इस मामले के सामने आने के बाद शिक्षकों के बीच चुनावी और प्रशासनिक ड्यूटी के बढ़ते दबाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
हालांकि अभी तक जिला प्रशासन या चुनाव अधिकारियों की ओर से इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त हुई है तो नियमानुसार उसकी जांच की जाएगी।
इस घटनाक्रम ने सरकारी कर्मचारियों, विशेषकर शिक्षकों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियों और उनके कार्य-जीवन संतुलन को लेकर बहस को फिर से हवा दे दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि चुनाव आयोग और संबंधित अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं।
