हरियाणा के अंबाला में बोरवेल में फंसे मासूम निरवैर को बचाने के लिए चला लंबा रेस्क्यू ऑपरेशन आखिरकार दुखद अंत के साथ समाप्त हुआ। करीब 21 घंटे तक चले बचाव अभियान के बावजूद बच्चे को जीवित नहीं बचाया जा सका। इस घटना से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
जानकारी के अनुसार, निरवैर खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गया था। घटना के बाद प्रशासन, NDRF, सेना, पुलिस और अन्य बचाव दलों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। बच्चे तक पहुंचने के लिए जेसीबी मशीनों से समानांतर गड्ढा खोदा गया और आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार प्रयास किए गए।
परिजनों ने बताया कि घटना से पहले निरवैर अपने पिता से खेतों में ले जाने की जिद कर रहा था। उसने कहा था, “अगर खेतों में नहीं ले गए तो मैं बीमार हो जाऊंगा।” यही बात अब परिवार की सबसे दर्दभरी याद बन गई है। बच्चे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया, लेकिन बोरवेल की गहराई और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के कारण बच्चे को समय रहते सुरक्षित नहीं निकाला जा सका। घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
इस हादसे ने एक बार फिर खुले और असुरक्षित बोरवेलों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खुले बोरवेलों को तुरंत बंद करें और सुरक्षा मानकों का पालन करें, ताकि भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
