हरियाणा के करनाल में राज्यसभा सांसद ने एक कार्यक्रम के दौरान सांसद असदुद्दीन ओवैसी के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयानों से समाज में गलत संदेश जाता है और सार्वजनिक जीवन में सभी नेताओं को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि कुछ लोगों का माइंडसेट पूरी तरह दूषित हो चुका है, जिसके कारण वे लगातार विवादित बयान देते हैं। उन्होंने कहा कि देश में कानून और संविधान के दायरे में रहकर ही सभी को अपनी बात रखनी चाहिए तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए सांसद ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के अनुसार काम कर रही है और किसी भी मामले में उचित प्रक्रिया का पालन किया जाता है।
सांसद ने यह भी कहा कि देश की एकता, शांति और भाईचारे को बनाए रखना सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी राजनीतिक बयान पर प्रतिक्रिया देने से पहले तथ्यों को समझें और अफवाहों से बचें। उनका कहना था कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार कानून और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर होना चाहिए।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बयानबाजी से जुड़ा है और विभिन्न दलों के नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के दौरान संयमित भाषा और तथ्यों पर आधारित चर्चा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अधिक उचित होती है।
