हरियाणा के पंचकूला में पर्ल ग्रुप जमीन मामले को लेकर एक नया मोड़ सामने आया है। मामले में कार्रवाई की आशंका के बीच पंचकूला के तहसीलदार ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट में इस याचिका पर 25 मई को सुनवाई होने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार, पर्ल ग्रुप से जुड़ी जमीनों के रिकॉर्ड और लेनदेन को लेकर जांच एजेंसियां लगातार पड़ताल कर रही हैं। इसी जांच के दायरे में कुछ प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में आई है। तहसीलदार को आशंका है कि जांच के दौरान उनकी गिरफ्तारी हो सकती है, इसलिए उन्होंने कानूनी राहत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां जमीन से जुड़े दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही हैं। मामले में यह देखा जा रहा है कि जमीन के ट्रांसफर और रजिस्ट्री प्रक्रिया में कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। हालांकि अभी तक किसी अधिकारी की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
वहीं, अदालत में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका को लेकर कानूनी हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। यदि कोर्ट से राहत मिलती है तो तहसीलदार को गिरफ्तारी से अस्थायी सुरक्षा मिल सकती है। दूसरी ओर जांच एजेंसियां अपने स्तर पर साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
यह मामला पहले से ही चर्चाओं में रहा है और अब तहसीलदार की अग्रिम जमानत याचिका के बाद एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सभी की नजरें अब 25 मई को होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत का फैसला आगे की कार्रवाई की दिशा तय कर सकता है।
