भारत ने दबाव के बावजूद नहीं झुकने का दिया संदेश
नरेंद्र मोदी ने पोखरण परमाणु परीक्षण को भारत के इतिहास का ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि उस समय पूरी दुनिया हिल गई थी और कई वैश्विक शक्तियां भारत पर दबाव बनाने के लिए मैदान में उतर आई थीं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि तमाम अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद भारत पीछे नहीं हटा। उन्होंने कहा, “हम डटे रहे, डरे नहीं।” उनके अनुसार, पोखरण परीक्षण ने दुनिया को भारत की क्षमता, आत्मविश्वास और रणनीतिक ताकत का संदेश दिया।
PM मोदी ने वैज्ञानिकों और उस समय के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के वैज्ञानिकों ने कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की कतार में खड़ा किया।
पोखरण में 1998 में किए गए परमाणु परीक्षणों के बाद भारत को कई अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। हालांकि, बाद में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत स्थिति बनाई।
प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक और रणनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने पोखरण परीक्षण को भारत के आत्मसम्मान और शक्ति का प्रतीक बताया।
पोखरण परमाणु परीक्षण भारतीय इतिहास के उन महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में गिना जाता है, जिसने देश की रक्षा और विदेश नीति को नई दिशा दी।
