चंडीगढ़ में वेंडर्स को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। सुप्रीम कोर्ट की फटकार और प्रशासनिक निर्देशों के बावजूद शहर के कई इलाकों में वेंडर्स की मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। इस मुद्दे पर अब अधिकारियों और वेंडर्स प्रतिनिधियों के बीच खुली बयानबाजी भी सामने आ रही है।
जानकारी के अनुसार, शहर में अवैध वेंडिंग और सार्वजनिक स्थानों के उपयोग को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में प्रशासन को व्यवस्था सुधारने और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर स्थिति में अपेक्षित बदलाव नहीं दिखाई दे रहा है।
मामले को लेकर सुपरिटेंडेंट इंफोर्समेंट ने दावा किया कि निगरानी के लिए संबंधित क्षेत्र में स्थायी रूप से इंस्पेक्टर की तैनाती की गई है। उनका कहना है कि नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई की जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
वहीं दूसरी ओर, वेंडर्स संगठन के प्रधान ने प्रशासन के दावों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन चाहे तो वे मौके की स्थिति को लाइव दिखाने के लिए तैयार हैं। उनका आरोप है कि वास्तविक हालात प्रशासनिक दावों से अलग हैं और कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।
इस पूरे विवाद के बीच शहर में वेंडिंग व्यवस्था, फुटपाथों के उपयोग और आम लोगों की आवाजाही जैसे मुद्दे फिर से चर्चा में आ गए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए जिससे वेंडर्स और आम जनता दोनों के हित सुरक्षित रह सकें।
फिलहाल प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच यह मुद्दा चर्चा का विषय बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले पर आगे की कार्रवाई और संभावित समाधान पर सभी की नजर रहेगी।
